Most Beautyfull इंतज़ार शायरी  in this post intezar shayari in hindi, intezar shayari 2 lines, इंतज़ार शायरी, intjar hindi shayari, intizar par shayari, waiting shayari, intezaar shayari in hindi for girlfriend, इंतज़ार शायरी 2 लाइन with download free hd इंतज़ार शायरी  image.

इंतज़ार शायरी
इंतज़ार शायरी

intezar shayari in hindi

तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई
यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई
था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार
अचानक वो मेरे करीब आ गई
नज़रें मेरी कहीं तक ना जायें,
बेवफा तेरा इंतेज़ार करते करते,
यह जान यूँ ही निकल ना जाए,
तुम से इश्क़ का इज़हार करते करते
बहुत हो चुका इंतेज़ार उनका,
अब और ज़ख़्म सहे जाते नही,
क्या बयान करें उनके सितम को,
दर्द उनके कहे जाते नही
कुछ पल हमारे साथ रह के तुम्हे लौट जाना था हर बार,
जाते हुए तुम्हारा मूड मूड के हमें देखना अच्छा लगा,
सालों के बाद मिला तुमसे आज मगर बस कुछ लम्हो के लिए,
उस इंतेज़ार के बाद तुमसे मिलना हमें बहुत अच्छा लगा
तन्हैइिओं मे उनको ही याद करते हैं
वो सलामत रहे यही फरियाद करते है,
हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते है
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते है
तेरे आने की क्या उमीद मगर
कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं

 

Intezar shayari in hindi
Intezar shayari in hindi
किसे यक़ीन कि तुम देखने को आओगे
अख़ीर वक़्त मगर इंतिज़ार और सही
है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम
मैं ये क्यूँ पूछूँ कब मिलेंगे आप
यक़ीन चाँद पे सूरज में ए’तिबार भी रख
मगर निगाह में थोड़ा सा इंतिज़ार भी रख
मेरे पास क्या कुछ नहीं
और एक मुस्तक़िल इंतिज़ार
और आँसू
बे-वजह इंतिज़ार दिखाने से फ़ाएदा
कह दीजिए कि सामने आया न जाएगा
है इंतिज़ार उसे भी तुम्हारी खुश्बू का
हवा गली में बहुत देर से रुकी हुई है
जान से भी ज़्यादा उन्हे प्यार किया करते थे,
याद उन्हे दिन रत किया करते थे,
अब उन राहो से गुज़रा नही जाता,
जहा बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे
इंतज़ार शायरी
इंतज़ार शायरी

 

intezar shayari 2 lines

होश ओ ख़िरद गँवा के तिरे इंतिज़ार में
गुम कर दिया है ख़ुद को ग़मों के ग़ुबार में
कौन कहता है इश्क़ मे बस इकरार होता है,
कौन कहता है इश्क़ मे बस इनकार होता है,
तन्हाई को तुम बेबसी का नाम ना दो,
क्यूंकी इश्क़ का दूसरा नाम ही इंतेज़ार होता है
हो चली ख़त्म इंतिज़ार में उम्र
कोई आता नज़र नहीं आता
कत्मे अदम से उनका हमें इन्तिज़ार है !
लगता है हर दियार, उन्ही का दियार है !!
हारे हैं बार-बार बुला कर तुम्हें, सनम !
अब आ भी जाइये, कि, जिगर बेक़रार है
इश्क़ किया तुझसे, मेरे ऐतबार की हद थी,
इश्क़ में दे दी जान, मेरे प्यार की हद थी,
मरने के बाद भी खुली थी आँखें,
यह मेरे इंतेज़ार की हद थी
उन्हे दिन रात किया करते थे,
अब उन राहों से गुज़रा नही जाता,
जहाँ बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे.
तन्हाईओं मे उनको ही याद करते हैं,
वो सलामत रहें यही फरियाद करते हैं,
हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते हैं,
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते हैं
Intezar shayari in hindi
Intezar shayari in hindi
उन्हे दिन रात किया करते थे,
अब उन राहों से गुज़रा नही जाता,
जहाँ बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे.
वही उम्मीद, वही इंतेजार तेरा करते हैं,
उसी इश्क़ से, उसी चाहत से,
उसी प्यार से, उसी मान से,
मुझे आज फिर से मिल जाओ,
की मन बहुत दीनो से उदास हैं.
ये ज़िंदगी तब हसीन होती है
जब हर दुआ कबूल होती है,
कहने को तो सब अपने है
पर काश कोई ऐसा हो
जो ये कहे तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ़ होती है
इंतज़ार शायरी
इंतज़ार शायरी

intjar hindi shayari

खुदा कैसे करूँ शुक्रिया इस दिन के लिए.
जिस दुनिए तुम्हे धरती पे भेजा हमारे लिए.
ना जाने क्यों मैं इंतेज़ार कर रहा था शायद जन्मदिन है तुम्हारा इस लिए.
मेरी हर एक दुआ है
ज़िंदगी के मायने तुझसे है
ज़िंदगी की ख्वाशें तुझसे है..
तू क्या जाने तू क्या है मेरे लिए
मेरी हर साँस का वजूद तुझसे है
क्यूँ हम किसी के ख़यालो मे खो जाते है,
एक पल की दूरी मे रो जाते है..
कोई हमे इतना बता दो की,हम ही ऐसे है
या प्यार करने के बाद सब ऐसे हो जाते है.
अपनी नज़र से ना देख अपनी खूबसूरती को,
तुझे हीरा भी पठार लगेगा,
लोग कहते हैं तू चाँद का टुकड़ा है,
मगर तू मेरी नज़र से देख चाँद तेरा टुकड़ा लगेगा.
उमीदो की तलाश मई गुज़रता हुआ मुसाफिर
सफ़र की आँधियों से घबराया नही करता
तूफान का कहर चाहे कितना गहरा क्यू ना हो
मुसाफिर अपना सफ़र अधूरा छोड़ा नही करता
उमीदो की तलाश मई गुज़रता हुआ मुसाफिर
सफ़र की आँधियों से घबराया नही करता
तूफान का कहर चाहे कितना गहरा क्यू ना हो
मुसाफिर अपना सफ़र अधूरा छोड़ा नही करता
तेरे आने की क्या उमीद मगर
कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं
किसे यक़ीन कि तुम देखने को आओगे
अख़ीर वक़्त मगर इंतिज़ार और सही
आप का एतिबार कौन करे
रोज़ का इंतिज़ार कौन करे

 

उसने देखा ही नहीं अपनी हथेली को कभी उसमे हलकी सी लकीर मेरी भी थी.🖊️
इंतज़ार शायरी
इंतज़ार शायरी
intizar par shayari
इतना ऐतबार तो अपनी धड़कनो पर भी हमने ना किया,
जितना आपकी बातों पर करते हैं;
इतना इंतेज़ार तो अपनी साँसों का भी ना किया,
जितना आपके मिलने का करते हैं
कौन है यहाँ जो अब मुझपे एतबार करता है
मेरा अक्स मुझे पहचानने से इनकार करता है
खंजर लिए हाथों में खड़ा है दर्द मेरा
वो मेरे क़त्ल के लिए मेरा इंतेज़ार करता है

 

उन्हे दिन रात किया करते थे,
अब उन राहों से गुज़रा नही जाता,
जहाँ बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे
किसी के दीदार को तरसता है
किसी के इंतेज़ार मे तडपता है
ये दिल भी अजीब चीज़ है
जो होता है खुद का मगर किसी और के लिए धड़कता है
जान से भी ज़्यादा उन्हे प्यार किया करते थे,
याद उन्हे दिन रत किया करते थे,
अब उन राहो से गुज़रा नही जाता,
जहा बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे
कौन है यहाँ जो अब मुझपे एतबार करता है
मेरा अक्स मुझे पहचानने से इनकार करता है
खंजर लिए हाथों में खड़ा है दर्द मेरा
वो मेरे क़त्ल के लिए मेरा इंतेज़ार करता है
किसी के दीदार को तरसता है
किसी के इंतेज़ार मे तडपता है
ये दिल भी अजीब चीज़ है
जो होता है खुद का मगर किसी और के लिए धड़कता है
अब हमसे इंतेज़ार नही होता
इतना महेंगा तो किसी का प्यार नही होता
हम जिसके लिए हुए रुसवा ज़माने मे
वो अब बात करने को भी तैयार नही होता
क्यूँ हम किसी के ख़यालो मे खो जाते है,
एक पल की दूरी मे रो जाते है..
कोई हमे इतना बता दो की,हम ही ऐसे है
या प्यार करने के बाद सब ऐसे हो जाते है
waiting shayari
इंतज़ार शायरी
इंतज़ार शायरी
तन्हैइिओं मे उनको ही याद करते हैं
वो सलामत रहे यही फरियाद करते है,
हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते है
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते है
उमीदो की तलाश मई गुज़रता हुआ मुसाफिर
सफ़र की आँधियों से घबराया नही करता
तूफान का कहर चाहे कितना गहरा क्यू ना हो
मुसाफिर अपना सफ़र अधूरा छोड़ा नही करता

 

ये ज़िंदगी तब हसीन होती है
जब हर दुआ कबूल होती है,
कहने को तो सब अपने है
पर काश कोई ऐसा हो
जो ये कहे तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ़ होती है
सुबह का इंतेज़ार था, फिर शाम तक मुझे रुकना था
आएगी इस शाम भी मैने खुद को समझाया यही
सुबह से लेकर शाम तक एक पल चैन पाया नही
जिसका इंतेज़ार था, उस शाम वो आया नही
खुदा कैसे करूँ शुक्रिया इस दिन के लिए.
जिस दुनिए तुम्हे धरती पे भेजा हमारे लिए.
ना जाने क्यों मैं इंतेज़ार कर रहा था शायद जन्मदिन है तुम्हारा इस लिए.
मेरी हर एक दुआ है
तन्हाईओं मे उनको ही याद करते हैं,
वो सलामत रहें यही फरियाद करते हैं,
हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते हैं,
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते हैं
साँसों मे मेरे कुछ अजीब सी कशिश है आज जाना,
शायद ये तुम्हारे साँसों को महसूस कर रहा है,
आँखें मेरी तुम्हारी राहों पे आके थम गयी हैं,
और ये दिल, तुम्हारे आने का इंतेज़ार कर रहा है
आई मिलन की बेला है नही होता है अब इंतज़ार
तेरी उलझी ज़ुल्फोन को ले आज दूं मैं संवार
इंतज़ार शायरी
इंतज़ार शायरी
intezaar shayari in hindi for girlfriend
ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो
हर रात की नई सुबा का इंतजार करो
वो पल भी आएगा, जिसका आपको इंतजार है
बस अपने रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करना
मेरी ज़िंदगी तो आप है,
कहाँ जी रहे है हम आप के बिना,
अब तो मौत को सीने से लगाने की
इंतेज़ार मे बैठे है हम
आदत बदल दू कैसे तेरे इंतेज़ार की
ये बात अब नही है मेरे इकतियार की
देखा भी नही तुझ को फिर भी याद करते है
बस ऐसी ही खुश्बू है दिल मे तेरे प्यार की
ज़ख़्म इतने गहरे है हमको मालूम ना था,
हम खुदी पर वार करते रहे यह ख़याल ना था,
खुद ही लाश बन गये इस ख़याल से के जनाज़े पे वो मेरे आएँगे,
अब इस से ज़्यादा उनके दीदार का इंतिज़ार क्या करे
इतना ऐतबार तो अपनी धड़कनो पर भी हमने ना किया,
जितना आपकी बातों पर करते हैं;
इतना इंतेज़ार तो अपनी साँसों का भी ना किया,
जितना आपके मिलने का करते हैं
वही उम्मीद, वही इंतेजार तेरा करते हैं,
उसी इश्क़ से, उसी चाहत से,
उसी प्यार से, उसी मान से,
मुझे आज फिर से मिल जाओ,
की मन बहुत दीनो से उदास हैं.
यकीन है की ना आए गा मुझसे मिलने कोई;
तो फिर यह दिल को मेरे इंतेज़ार कैसा है
खुदा कैसे करूँ शुक्रिया इस दिन के लिए.
जिस दुनिए तुम्हे धरती पे भेजा हमारे लिए.
ना जाने क्यों मैं इंतेज़ार कर रहा था शायद जन्मदिन है तुम्हारा इस लिए.
मेरी हर एक दुआ है
उन्हे दिन रात किया करते थे,
अब उन राहों से गुज़रा नही जाता,
जहाँ बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे
इंतज़ार शायरी 2 लाइन
Intezar shayari in hindi
Intezar shayari in hindi
ज़िंदगी के मायने तुझसे है
ज़िंदगी की ख्वाशें तुझसे है..
तू क्या जाने तू क्या है मेरे लिए
मेरी हर साँस का वजूद तुझसे है
उन्हे दिन रात किया करते थे,
अब उन राहों से गुज़रा नही जाता,
जहाँ बैठ कर उनका इंतेज़ार किया करते थे.
तन्हाईओं मे उनको ही याद करते हैं,
वो सलामत रहें यही फरियाद करते हैं,
हम उनके ही मोहब्बत का इंतेज़ार करते हैं,
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते हैं
अपनी नज़र से ना देख अपनी खूबसूरती को,
तुझे हीरा भी पठार लगेगा,
लोग कहते हैं तू चाँद का टुकड़ा है,
मगर तू मेरी नज़र से देख चाँद तेरा टुकड़ा लगेगा
ये ज़िंदगी तब हसीन होती है
जब हर दुआ कबूल होती है,
कहने को तो सब अपने है
पर काश कोई ऐसा हो
जो ये कहे तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ़ होती है
क्यूँ हम किसी के ख़यालो मे खो जाते है,
एक पल की दूरी मे रो जाते है..
कोई हमे इतना बता दो की,हम ही ऐसे है
या प्यार करने के बाद सब ऐसे हो जाते है
कौन है यहाँ जो अब मुझपे एतबार करता है
मेरा अक्स मुझे पहचानने से इनकार करता है
खंजर लिए हाथों में खड़ा है दर्द मेरा
वो मेरे क़त्ल के लिए मेरा इंतेज़ार करता है
अब हमसे इंतेज़ार नही होता
इतना महेंगा तो किसी का प्यार नही होता
हम जिसके लिए हुए रुसवा ज़माने मे
वो अब बात करने को भी तैयार नही होता
एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर,
एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर,
पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है,
जो आए तुम्हे साथ लेकर
किसी के दीदार को तरसता है
किसी के इंतेज़ार मे तडपता है
ये दिल भी अजीब चीज़ है
जो होता है खुद का मगर किसी और के लिए धड़कता है
intezar good night shayari
Intezar shayari in hindi
Intezar shayari in hindi
तेरे इंतज़ार का ये आलम है,
तड़प्ता है दिल आखें भी नम है,
तेरी आरज़ू में जी रहे है,
वरना जीने की ख्वाहिश कम है
इंतजार उसका जिसके आने की कोई आस हो,
खुश्बू भी उस फूल की जो मेरे पास हो,
मंज़िल ना मिल सकी हमे तो कोई बात नही,
गम भी उसी शख्स का होता है जिसे प्यार का एहसास हो
चाहत पर अब एतबार ना रहा,
खुशी क्या है यह एहसास ना रहा,
देखा है इन आँखोने टूटे सपनो को,
इसलिए अब किसी का इंतेज़ार ना रहा
सुबह का इंतेज़ार था, फिर शाम तक मुझे रुकना था
आएगी इस शाम भी मैने खुद को समझाया यही
सुबह से लेकर शाम तक एक पल चैन पाया नही
जिसका इंतेज़ार था, उस शाम वो आया नही
इंतज़ार हमारा करे कोई
मंजिल हमारी बने कोई ,
दिल की यह आरजू है छोटी
दिल में आके रहे कोई
कोई वादा नही फिर भी तेरा इंतेज़ार है
जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार है
तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही
मुझसे मिलने के लिए तू भी बेकरार है
फ़ासले मिटा कर आपस मैं प्यार रखना,.
दोस्ती का ये रिश्ता हमेशा बरकरार रखना,
बिछड़ जाए कभी आपसे हम,
आँखों मैं हमेशा हमारा इंतज़ार रखना

 

More intezar shayari

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here