Chand Shayari | Chand Shayari in hindi- Chand par Shayari

New 2021-2022 Chand Shayari, Chand Shayari Gulzar, Chand par Sshayari, Chand Raat mubarak shayari, chand pe shayari, chand shayari in hindi, chand ki shayari, chand shayari ghalib, chand mubarak shayari, chand shayari in english, BEST Chand Shayari in hindi 2021 with download free images.

Chand Raat Mubarak Shayari

"<yoastmark

बेचैन इस क़दर था कि सोया न रात भर
पलकों से लिख रहा था तेरा नाम चाँद पर

चाँद तारो में नज़र आये चेहरा आपका
जब से मेरे दिल पे हुआ है पहरा आपका

"<yoastmark

हमने क़सम खायी है चाँद को चाँद रहने देंगे
चाँद में अब तुम को ना ढूँढा करेंगे

चाँद मत मांग मेरे चाँद जमीं पर रहकर
खुद को पहचान मेरी जान खुदी में रहकर

chand ki shayari
chand ki shayari

है चाँद सितारों में चमक तेरे प्यार की
हर फूल से आती है महक तेरे प्यार की

मेरा और उस चाँद का मुक़द्दर एक जैसा है
वो तारो में तन्हा मैं हजारो में तन्हा

chand ki shayari
chand ki shayari

इजाजत हो तो मैं भी तुम्हारे पास आ जाऊँ
देखों ना चाँद के पास भी तो एक सितारा है

रातों में टूटी छतों से टपकता है चाँद
बारिशों सी हरकतें भी करता है चाँद

chand shayari
chand shayari

बुझ गये ग़म की हवा से प्यार के जलते चराग
बेवफ़ाई चाँद ने की पड़ गया इसमें भी दाग

ऐ चाँद चला जा क्यों आया है तू मेरी चौखट पर
छोड़ गया वो शख्स जिसके धोखे में तुझे देखते थे

chand par Shayari

"<yoastmark

चाँद हो या न हो चांदनी रात है
मैं तेरे साथतू मेरे साथ है !

चलो चाँद का किरदार अपना लें हम दोस्तो
दाग अपने पास रखें और रौशनी बाँट दें

chand ki shayari
chand ki shayari

चाँद तो अपनी चाँदनी को ही निहारता है
उसे कहाँ खबर कोई चकोर प्यासा रह जाता है

चाँद को तो चाहने वाले है सभी
पर देखना ये है की चाँद किस पर फ़िदा होता है

chand shayari in hindi
chand shayari in hindi

सुबह हुई कि छेडने लगता है सूरज मुझको
कहता है बडा नाज़ था अपने चाँद पर अब बोलो

ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए
मुझे बस तेरी की एक झलक चाहिए

chand shayari
chand shayari

जिन आँखों में काजल बन कर तैरी काली रात
उन आँखों में आंसू का इक कतरा होगा चाँद

सारी रात गुजारी हमने इसी इन्तजार में की
अब तो चाँद निकलेगा आधी रात में

chand raat mubarak shayari
chand raat mubarak shayari

रात को रोज़ डूब जाता है
चाँद को तैरना सिखाना है मुझे

इश्क तेरी इन्तेहाँ इश्क मेरी इन्तेहाँ
तू भी अभी न-तमाम मैं भी अभी न-तमाम

आज टूटेगा गुरूर चाँद का देखना दोस्तो
आज मैंने उन्हें छत पर बुला रखा है

chand pe shayari

"<yoastmark

सुबह हुई कि छेड़ने लगता है सूरज मुझको
कहता है बड़ा नाज़ था अपने चाँद पर अब बोलो

कभी तो आसमान से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की एक ख़ूबसूरत शाम हो जाए

hand raat mubarak shayari
hand raat mubarak shayari

मुझे ये ज़िद है कभी चाँद को असीर करूँ
सो अब के दरिया में एक दाएरा बनाना है

न चाहते हुए भी मेरे लब पर
ये फरियाद आ जाती है
ऐ चाँद सामने न आ
सनम की याद आ जाती है

chand shayari
chand shayari

तुझको देखा तो फिर उसको ना देखा मैं
चाँद कहता रह गया मैं चाँद हूँ मैं चाँद हूँ

ढूँढता हूँ मैं जब अपनी ही खामोशी को
मुझे कुछ काम नहीं दुनिया की बातों से
आसमाँ दे न सका चाँद अपने दामन का
माँगती रह गई धरती कई रातों से

chand shayari in hindi
chand shayari in hindi

कल चौदहवी की रात थी रात भर रहा चर्चा तेरा
कुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तेरा

क्यूँ मेरी तरह रातों को रहता है परेशाँ
ऐ चाँद बता किस से तेरी आँख लड़ी है

chand ki shayari
chand ki shayari

चलो चाँद का किरदार अपना लें हम
दाग अपने पास रखें और रौशनी बाँट दें

मुन्तज़िर हूँ कि सितारों की जरा आँख लगे
चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा करके

chand ki shayari
chand shayari in hindi
chand shayari in hindi

पत्थर की दुनिया जज़्बात नहीं समझती
दिल में क्या है वो बात नहीं समझती
तनहा तो चाँद भी सितारों के बीच में है
पर चाँद का दर्द वो रात नहीं समझती

इक अदा आपकी दिल चुराने की
इक अदा आपकी दिल में बस जाने की
चेहरा आपका चाँद सा और एक
हसरत हमारी उस चाँद को पाने की

chand raat mubarak shayari
chand raat mubarak shayari

रात भर आसमां में हम चाँद ढूढ़ते रहे
चाँद चुपके से मेरे आँगन में उतर आया

क्यों मेरी तरह रातों को रहता है परेशान
ऐ चाँद बता किस से तेरी आँख लड़ी है

chand shayari
chand shayari

आसमान और ज़मीं का है फासला हर-चंद
ऐ सनम दूर ही से चाँद सा मुखड़ा दिखला

आज टूटेगा गुरूर चाँद का तुम देखना यारो
आज मैंने उन्हें छत पर बुला रखा है

chand mubarak shayari

 

chand shayari
chand shayari

ऐ काश हमारी क़िस्मत में ऐसी भी कोई शाम आ जाए
एक चाँद फ़लक पर निकला हो एक छत पर आ जाए

तू अपनी निगाहों से न देख खुद को
चमकता हीरा भी तुझे पत्थर लगेगा
सब कहते होंगे चाँद का टुकड़ा है तू
मेरी नजर से चाँद तेरा टुकड़ा लगेगा

"<yoastmark

कितना हसीन चाँद सा चेहरा है
उसपे शबाब का रंग गहरा है
खुदा को यकीन न था वफ़ा पे
तभी चाँद पे तारों का पहरा है

ढूँढता हूँ मैं जब अपनी ही खामोशी को
मुझे कुछ काम नहीं दुनिया की बातों से
आसमाँ दे न सका चाँद अपने दामन का
माँगती रह गई धरती कई रातों से

 

More Shayari.

Leave a Comment